Hindi Quote in Book-Review by mira

Book-Review quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

बैडरूम वास्तु दोष निवारण

बेडरूम हमारे घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, क्योंकि यहीं हम आराम करते हैं और अपने जीवन से जुड़े निजी अनुभव शेयर करते हैं। हमारे जीवन का एक बहुत बड़ा समय बेडरूम में ही सोते हुए गुजरता है। कई बार बेडरूम को वास्तु दोष का असर हमारी लव लाइफ पर भी पड़ सकता है। कुछ आसान उपाय कर इस दोष को दूर किया जा सकता है। आइए जानते है ड्राइंग रूम से जुड़े वास्तु दोष के निवारण के लिए ये वास्तु उपाय।

वास्तु दोष निवारण टिप्स

बेडरूम की सबसे इर्म्पोटेंट चीज है पलंग। वास्तु के अनुसार पलंग दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। पलंग को दक्षिण दिशा की दीवार के साथ होना चाहिए। सोते समय सिर दक्षिण की ओर और पैर उत्तर में होने चाहिए। ध्यान रहे पलंग दीवार के एकदम बीच में होना चाहिए। यही पलंग की बेडरूम में एकदम सही दिशा है।

बेडरूम के दरवाजे की बात करें, तो वास्तु के अनुसार दरवाजा कभी भी बेड के सामने नहीं खुलना चाहिए। दरवाजे हमेशा अंदर की ओर ही खुलने चाहिए। इससे पॉजीटीव एनर्जी घर में आती है। दरवाजा हमेशा पूर्व में होना चाहिए। वास्तु में गोल शेप वाले दरवाजों को अशुभ माना जाता है। दरवाजे हमेशा चकोर होने चाहिएं।

दरवाजे के साथ-साथ खिडकियां भी पूर्व की दिशा में होनी चाहिए। यदि आपके बेडरूम में खिडकियां दक्षिण या पश्चिम दिशा में हो तो उन्हे पर्दों से ढककर रखना चाहिए।

मिरर बेडरूम की एक खास जरूरत है। वास्तु के अनुसार मिरर या ड्रेसिंग टेबल को बेड के सामने नहीं रखना चाहिए। मिरर की बेडरूम में सही दिशा है उत्तर-पूर्व, इससे घर के सदस्यों के मान सम्मान में बढोतरी होती है। इसके अलावा किसी दूसरी दिशा में मिरर का लगाना अशुभ माना जाता है।

आजकल अटैच टॉयलेट का चलन है। लेकिन वास्तु की माने तो बेडरूम में टॉयलेट का कोई भी स्थान नहीं है। फिर भी यदि अटैच टॉयलेट बनवाना ही है तो उसकी दिशा दक्षिण में होनी चाहिए।

बेड के अंदर बर्तन, क़िताबें, टूटा सामान, ख़राब इलेक्ट्रॉनिक सामान, दवाइयां इत्यादि न रखें।

प्रेम को बढ़ाने के लिए घर के दक्षिण- पश्चिम भाग में कांच या सिरामिक पॉट में छोटे-छोटे पत्थर या क्रिस्टल्स डालकर लाल रंग की दो मोमबत्तियां  जलाएं। इससे सकारात्मक ऊर्जा फैलेगी।

घर के ईशान कोण का बहुत ही महत्व है। यदि इस दिशा में पति-पत्नी साथ बैठकर पूजा करें, तो उनका आपस का अहंकार ख़त्म होकर संबंधों में  मधुरता बढ़ती है।

वास्तु के अनुसार, कमरे की पूर्व और उत्तर की दिशा को खाली छोड़ना चाहिए। इन दिशाओं से आने वाली हवाओं और सूर्य की रोशनी में किसी भी प्रकार की कोई अड़चन नहीं आनी चाहिए इसीलिए इन दिशाओं में कोई भी भारी सामान न रखें। इन दोनों दिशाओं से ही रूम में पॉजीटीव एनर्जी आती है। भारी सामान जैसे सोफा, अलमारी आदि को आप दक्षिण और पश्चिम की दिशा में रख सकते है।

Hindi Book-Review by mira : 111668983
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now