*संपूर्ण जैन समाज को बदनाम करने वाले सुहाना मसाले के मालिक विशाल चोरड़िया को पुणे जैन समाज समाज की सभी संस्थाओं से निष्कासित करें ! उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए !*
*_~ डॉ अमित राय जैन_*🙏🏻
*सुहाना मसाले*:
*शाकाहारियों के साथ मजाक*??
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आजकल टेलीविजन और रेडियो पर सुहाना मसालों का विज्ञापन रोज आता है। इस विज्ञापन में एक शाकाहारी परिवार का बच्चा दिखाया गया है। उसे पडौस से एक सिख बच्चे का फोन आता है कि घर में चिकन बन रहा है सो आजा और वह शाकाहारी बच्चा मां से किताब लाने का बहाना बनाकर पड़ौसी के यहां चिकन खाने चला जाता है। जब वह अपने घर वापिस लौटता है तो सब डाईनिंग टेबल पर उसका इंतजार कर रहे होते हैं। जब उसकी मां उसे शाही पनीर खाने को देती है, तो उसको मुंह में रखते ही वह बच्चा कहता है कि *यह पनीर तो चिकन की तरह मस्त* बना है। उसकी बात सुनकर घर के सब लोग हैरान रह जाते हैं कि यह क्या?.. फिर बैकग्राउंड से आवाज आती है कि *खाने को मस्त बनाएं सुहाना मसालों के साथ*।
जब मजबूरी में मुझे इन विज्ञापनों को देखना या सुनना पड़ता है तो मुझे हमेशा बहुत खराब लगता है कि *यह विज्ञापन मसालों का प्रचार कम करता है और चिकन के टेस्ट के बारे में ज्यादा प्रचार करता है। बच्चों को झूंठ बोलना भी सिखाता है*।तब मैंने इसका विरोध करने के लिये इस कंपनी की जानकारी खोजी तो मुझे पता चला कि यह मसाले *प्रवीण मसालेवाले, पुणे* के द्वारा बनाए जाते हैं। कंपनी का जो फोन नंबर (020 6709 2095) मुझे मिला उसपर मैंने बात की तो किसी शुक्ला ने फोन उठाया। बातचीत में मुझे पता चला कि इस कंपनी का मालिक *विशाल चौरड़िया* है। चूंकि मुझे यह पता है कि चौरड़िया
*जैन* होते हैं तो मैं बहुत ही हैरान रह गया। गार्ड ने भी कन्फर्म कर दिया कि वह जैन है। जब मैंने बात कराने के लिए कहा तो गार्ड ने मुझे बताया की साब अब घर चले गए हैं और उनका नंबर वह नहीं दे सकता है। विशाल के पिता का नाम राजकुमार चौरड़िया है और वह कभी कभी ही फैक्ट्री आते हैं। यह बेहद अफसोस की बात है कि विशाल चौरड़िया जैसे लोग सिर्फ कुछ पैसे कमाने के लिए इतने नीचे स्तर पर गिर जाते हैं कि ज्यादा बिजनेस करने के लिये अपने मसालों से बने पनीर के स्वाद को चिकन से तुलना करके उसकी तरह मस्त बता देते हैं।.. यह संयोग ही है कि यह मसाले वाला जैन निकला.. मेरा आब्जैक्शन तो किसी के लिये भी यही है कि *बच्चों को झूंठ बोलना सिखाना, पनीर को चिकन की तरह मस्त बताना और चिकन को टैस्टी बताकर उसे छोटे बच्चों के माध्यम से शाकाहारी घरों में घुसाना बिल्कुल गलत है और दुखद है*।
*विशाल चौरड़िया*
Pravin Masalewale
One Suhana,
55, Hadapsar Industrial Estate,
*पुणे*– 411 013
Tel: 020 6709 2095