"असली मुद्दे से ध्यान भटका दे "
रोज़ इंडिया में नई बातें, और सभी का टाइम पास हो रहा,
असली मुद्दे से ध्यान भटका दे, धंधे का सत्यानाश हो रहा।
कोरोनाने मचाया खेल, देखो सबका तेल निकाल दिया,
ऊपर से हररोज बढ़ती मेहंगाई, सबका खेल बिगाड़ दिया।
एमपी राजस्थान में गंदे राजकरण का क्या-क्या खेल निकल आया,
कोई मुद्दा काम ना आया,तब राधे मां का मुद्दा निकल आया।
कांग्रेस की बैठक में बढ़ चढ़कर बोल रहा था इस्तीफे का खेल,
हर घंटे खूब टटोला जा रहा, इस इस्तीफे का क्या हैं मोल भला।
मैडम से मैडम तक, इधर उधर आया गलमगोल इस्तीफा,
हुआं इस्तीफा बेहाल, मेरा इस्तीफा ले लो चिढ़ाकर बोला इस्तीफा।
रूठी मैया को क्यों ना मनाते, हों रहा है पार्टी का सत्यानाश भला,
राजकारण गंदा खेल लोकतंत्र के नाम पर जनता को दे रहे धोखा।
जनता का ध्यान भटकने रोज़ नित नए राजकीय खेल खेला जाता,
व्यथित होकर "मित्र" ने कटाक्ष व्यंग की सुनाई छोटी-सी दास्तान।
(हास्य व्यंग कटाक्ष सिर्फ मनोरंजन हेतु है , और मैं किसी का समर्थक या विरोधी नहीं हूं)
✍️मनिष कुमार "मित्र" 🙏