रेख्ता के सौजन्यसे 🙏
वफ़ा तुम से करेंगे दुख सहेंगे नाज़ उठाएँगे
जिसे आता है दिल देना उसे हर काम आता है
..........आरज़ू लखनवी
ख़ुद को बिखरते देखते हैं कुछ कर नहीं पाते हैं
फिर भी लोग ख़ुदाओं जैसी बातें करते हैं
.......इफॉतिखार आरिब
सगी बहनों का जो रिश्ता रिश्ता है उर्दू और हिन्दी में
कहीं दुनिया की दो ज़िंदा ज़बानों में नहीं मिलता
.......मुनव्वर राणा
बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में
कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में
.........कैफी आज़मी
नज़र झुक रही है ख़मोशी है लब पर
हया है अदा है कि अन-बन है क्या है
.......कौसर मजहरी