कितना प्यारा था, वो दिन जब हम मिले,
दिन, दिनांक तो याद नहीं पर बड़ा खास था दिन,
न तो मै ढूंढने आयी, न तो अपने हमें ढूंढा
क्या पता खुदा कि मर्जी हो हमे साथ देखने कि
दिखने में तो मासूम चहेरा , आंखो मे नमी
कैसे भूलूं वो पहली मुस्कान जो दिल को छू गई
बड़ा अच्छा लगता है तेरे साथ रहके, तेरे से बात करके,
तू तो मेरी दवा बन गया जिसे खाके मेरा सब दर्द खत्म हो जाता
ना चाहिए मुझे तेरा पैसा ओर ना तो तेरी लंबी गड़ी
मुझे तो बस तू चाहिए मेरी सास का लाडला,
बड़ी नसिबदार मानती हूं अपने आपको तुझे पाके,
पर हा संभाल कर रखना किसी के लिए कभी खों मत देना