दिल मेरे तू दीवाना है
पागल है मैंने माना है
पल पल आहें भरता है
कहने से क्यों डरता है
दिल मेरे तू दीवाना है
खामोशियों के जुबां
कोई ना समझे यहां
सहरा में गुल खिलते नहीं
मिलके कभी मिलते नहीं
जाने है किसकी खता
अनजाने ये राहें
मंज़िल का देंगी पता
दिल मेरे तू दीवाना है
पागल है मैंने माना है
पल पल आहें भरता है
कहने से क्यों डरता है
दिल मेरे तू दीवाना है
नदियों को अहसास है
सागर में भी प्यास है
माना की है अँधेरा घना
किसने किया तुझको मना
तारो की शमा जला
सच होते सपने भी
मैन है ऐसा सूना
दिल मेरे तू दीवाना है
पागल है मैंने माना है
पल पल आहें भरता है
कहने से क्यों डरता है
दिल मेरे तू दीवाना है
पागल है मैंने माना है
पल पल आहें भरता है
कहने से क्यों डरता है
पल पल आहें भरता है
कहने से क्यों डरता
गीत: दिल मेरे तू दीवाना है
मूवी / एल्बम: सूर्यवंशम (1999)
गायक: कुमार सानू
गीत गीतकार: समीर
संगीत संगीतकार: अनु मलिक
संगीतकार: अनु मलिक