Gujarati Quote in Thought by Narendra Parmar

Thought quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Gujarati daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

एम एल ए

आम आदमी की हेसियत नहीं होती है कि वो चुनाव लड़कर जीत जाएं क्योंकि पैसे चाहिए थोड़ी इज्ज़त चाहिए फ़िर बाद में वो चुनाव लड़कर जीत सकता है नहीं तो हार निश्चित ही है

एक छोटे से गांव देवपुरा का रहनेवाला देवाभाई जिसकी कोई पहेचान नहीं थी,देवाभाई और उनकी पत्नी सुनंदा खेती करके गुजरान चलाते थे उनको एक लड़का भी था कुमार वो लगभग पांच साल था

देवाभाई की ज्यादा पहचान नहीं थी मगर गांव में किसी को भी कोई तकलीफ़ होती तो देवाभाई आगे आते थे चाहें पैसे की हों या फ़िर और कोई,देवाभाई से जितना हो सकता था वो उतनी मदद हर किसी की करते थे,देवाभाई की गांव में अच्छी पहचान बन गई थी, गांव के लोग बोले आप मुखिया का चुनाव लडना हम आपको जिताएंगे देवाभाई ने चुनाव लडा और वो जित गए,देवाभाई चुनाव जितकर देवपुरा में हर सुविधा उपलब्ध करा दी, चाहें फ़िर पानी हों या फ़िर राश्ता हों कोई तकलीफ़ ना रहीं गांव वालों को बहुत ही अच्छा काम किया है मुखिया बनकर देवाभाई ने

आजू बाजू के गांव में भी देवाभाई की बहुत ही अच्छी पहचान बन चुकी है हरकोई बोलता था अब एम एल ए का चुनाव आएगा तब देवाभाई को हम जिताएंगे और चुनाव आ भी गया

देवपुरा के लोग और आजू बाजू के गांव के लोग देवाभाई के घर पर आएं और सब मिलकर कहने लगे,देवाभाई आप एम एल ए के चुनाव में खड़े रहिए हम आपको जिताएंगे हमें आपसे कूच नहीं चाहिए,देवाभाई सबको बोलें ऐ एम एल ए का चुनाव है गांव का नहीं है, इसमें पैसा चाहिए पावर चाहिए मेरे पास ऐसा कूंच नहीं है में सिर्फ गांव का मुखिया हुं और एक जिम्मेदार नागरिक हुं

जो देवाभाई के घर पर बैठे थे सब एक साथ बोले देवाभाई आप चुनाव लडिए हम सब आपके साथ है और देवाभाईने चुनाव लडा उनके विरोघ में थे विमल भाई उनके पास सब कुच था पैसा पावर किस गांव को कैसे खरीदना है और देवाभाई के वोट कैसे तोड़ना है वो सब जानकारी विमलभाई के पास थी

मगर हम कहीं भी जाएंगे हर गांव या फिर शहर में लालची आदमी जरुर हमें मिलेंगे,देवाभाई के साथ भी यही हुआ है
देवाभाई विरोध पक्ष के नेता विमलभाई से मामूली पांच सो मतों से हार गए और विमलभाई की जित हुई है

यानी कि हर गांव में थोड़े थोड़े लालची लोगों की वज़ह से देवाभाई चुनाव हार गए थे, जो लोग लालच रखें थे वो लोगों ने सिर्फ एक ही दिन का सोचा था अगर उन्होंने पांच साल का सोचा होता तो आज हर गांव की काया पलट हों जाती ।।

मगर हरकोई समझदार थोड़ा होता है

जैब में पैसा आते ही

वो कल का थोड़ा सोचता है ।।

नरेन्द्र परमार " तन्हा "

ऐ कहानी काल्पनिक है इसे वास्तविक जीवन से कोई लेना देना नहीं है ।।

Gujarati Thought by Narendra Parmar : 111639991
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now