हर दिन एक नया दिन पनाह लेता है,
हर त्याहोर में एक और नीति का आगमन होता है,
हिंदू में दीवाली, मुस्लिम में इद, ख्रीस्त मे नाताल एक साथ जीता है,
सुख दुख में साथी दुनिया के नए साल में सबकुछ छोड़ गले मिल जिंदगी दोहराता है,
साल पूरा कर एक और नया साल खुशियों से हिंदुस्तान का सिर गर्व से उचा कर जीने की उम्मीद सिखाता है,
DEAR ZINDAGI 🤗❣️