मुझे इश्क़ तेरे दीदार से कुछ कम नहीं,
तुझे छूने वाला हर पल जन्नत से कम नहीं।
तेरी आंखो की सरमाहट मेरे दिल में कभी सोई नहीं,
तेरी बातों से निकले अलफाज मेरे कानो मे गूंजते बंध हुए नहीं।
चाहत तेरी मेरे हिस्से में इश्क़ की फरमाइश से ज्यादा कभी नम ना हुई,
तेरे दिल से निकली मेरे लिए दुआ रूह से खुशबू की तरह कम ना हुई।
ये साल पूरा मेरे जज्बात ए दिल्लगी का तेरे आने से कभी तकलीफ़ ना हुई,
इस पल में जो तुझे मुबारक ना कहूँ ये नया साल तो कैसे कह दूँ मेरी सुबह हो गई।
Happy New Year 🎉🎈
DEAR ZINDAGI 💞🌹