मुल्क ए मेरे खुदा तेरा सजदा किया हुआ यहा कई आँखों मे बसा है,
चल मेरे खुदा तेरे जैसे दिल का समुंदर हुस्न से बढ़कर दिल का दीवाना है।
दुश्मन मेरे उसके चाहने से मेरे जाहिर दिल को अलग कर जहा में हस रहा है,
दीदार-ए-इश्क में खुदा गुजारिश तेरे मेरे बीच में लिखी नियति का फैसला भी तो बड़ा है।
DEAR ZINDAGI 💞🌹