हरेक स्त्री में "प्रेमिका नहीं होती" साधारण सी स्त्री को तुम गहने कपड़े देकर खुश कर सकते हो उन्हें प्रेम ब्रेम से ख़ास कोई लगाव या समझ नहीं होती वह इन चीजों को ही प्यार समझ लेती है पर जिस स्त्री में प्रेमिका है वह तुम्हे बेतहाशा चाहेगी ओर तुमसे भी बेइंतेहा प्यार कि ही उम्मीद करेगी वह साधारण स्त्री के जेसे कपड़े गहने से खुश नहीं हो जाएगी उसमें वह तुम्हारी "भावना" कितनी है वह देखेगी ओर उस पर उसकी खुशी निर्भर रहेगी वह तुम्हारा साथ चाहेगी हरपल हरबात पर वह तुमसे जुड़कर चलेगी वह तुमसे सादी करना चाहेगी क्यू की वह तुम्हे बेहद चाहती है इस लिए जीवनभर का साथ चाहती है ना कि तुम्हारी दौलत के लिए
उसे यकीन हो की तुम भी उसे चाहते हो तभी वह तुमसे जुड़ी रहेगी उसे सच्ची फीलिंग चाहिए वह साधारण स्त्री की तरह तुम्हारी मीठी बातो से खुश नहीं हो जाएगी चाबी का गुच्छा मिल जाने भर से उसे खुशी नहीं होगी उसे तुम पर उतना ही हक चाहीए जितना कि तुम्हारा होता है उसे एक "महफूज़ संबंध" चाहिए एक सहारा की हा तुम मेरे हो हर हाल में ओर हमेशा रहोगे एक "सुकून" चाहिए होता है दिखावे का प्यारा उसे खुश नहीं कर सकता वह तुम्हारे प्यार में "गहराई" चाहती है वह तुम्हारे जीवन मे रंग भर देगी अगर तुम सच्चे दिल से उसे जुड़ जाओगे नही तो तुम उस स्त्री को पाकर भी उसमें छुपी प्रेमिका को कभी नहीं पाओगे
" Hasu "