जो फूल को महकाता है,
वो मुरज़ाते देख सकेगा?
और ये जालिम दुनियाँ है जनाब,
क्या उसका चरित्र संभाल सकेगा?
एक ओर ये जलता दिया बारबार कोई पाक रोशनी देता है,
क्या वो किसी गलत इंसान की परछाई भी उसपे गिरने देगा?
जो उसको नजरों से दूर न करे, और कुछ कह दे,
या बोल दे, मतलब ये शक का दावा हो गया क्या?
DEAR ZINDAGI 💞🌹