क्यों होता है तू उदास,,??ए दोस्त..!!
उठ ओर चल,,
तुज़े खुशी खुशी चलना होगा ।
अपने लिए ना सही..!! अपनो के लिए तुज़े
जीना होगा ।।
दुनिया चाहे जो भी सोचे,.!
तुज़े वजूद अपना बनाना होगा ।
ओरो के लिए ना सही..!! तुज़े अपने लिए कुछ
करना होगा ।।
क्यों समझता है खुदको लाचार,??ए दोस्त.!!
उठ और चल,,
तुज़े खुद के पैरो पर खड़ा होना होगा ।
ईश्वर की दी हुई भेट के साथ तुज़े मिशाल लोगो की बनना होगा ।।
दुनिया चाहे जो भी सोचे..!
तुजसा नही कोई ओर, तू है ओरो से विशेष ।
यहीं सोचके साथ इस बात को तुज़े लोगो के मनमे बिठाना होगा ।।
हार मत मानना,, ए दोस्त.!!
कर आराम फिर चल
तुज़े अपने मुक़ाम को हॉसिल करना होगा ।
अपनी पहचान बनाने के लिए तुज़े हर मुसिबत से लड़ना होगा ।।
दुनिया चाहे जो भी बोले.!
उसे अनसुना,,अनदेखा करना होगा ।
हजारो ठोकरे लगने के बाद भी तुज़े बस चलते रहना होगा चलते रहना होगा।।
©यक्षिता पटेल
#Darshucare