✨ *नन्हा - सा* *संसार* ✨
🌹 नन्हा - सा बालक,
नन्हें से घर में था।
एक नन्हा - सा ख्वाब था,
जिसमें बसा एक सपना था
उस नन्हे से सपने में समाया हुआ
देश का संसार था।
☄️ संसार कुछ कर जाने का,
बुलंदियों को प्राप्त करने का
उन बुलंदियों में क्षमता थी -२
आसमां को छू जाने की✈️
क्योंकि वो संसार खुशियों की एक सौगात थी।
सौगात जो मिली थी उस माटी से
जिसने उसे जन्म दिया था
जन्म दिया और वीर बनाया
वीर बना तो दुश्मनों के छक्के छुड़ाए।
हर मुकाम हासिल कर, -२
तिरंगा भी फहराया उसने
फिर विपत्तियों की टोलियां कुछ इस तरह बिछी -२
कि हर घर में दीप जला
दीप नई उम्मीदों, नई आशाओं का
इन नई उम्मीदों की ज्योत से -२
संसार फिर से जगमगाया
और संसार के हर घर में एक वीर आया।
🌹 नन्हें से बालक का सपना
सत्य हुआ और देखा
उस नन्हे से सपने में समाया हुआ
देश का संसार था -२ ।
🌺 धन्यवाद 🌺
(बी.के) नविता