यहां पर शतरंज के दांव पेंच में माहिर हैं लोग
लेकिन मुझे तो शतरंज में कोई दिलचस्पी ही नहीं
कब दांव पलट दे.. यह हम सोच भी नहीं सकते
लेकिन में तो सिर्फ अच्छे कर्म करने में ही व्यस्त हूं
जो लोग यह षड्यंत्र रचते हैं के कैसे किसी को इसमें फसाए
वो लोग यह नहीं जानते कि वह खुद ही इस व्यूह में फंस जाएंगे
क्योंकि सच सिर्फ एक ही बार बोलना पड़ता है... Bindu 🌺
मगर एक झूठ बोलने पर हजार झूठ बोलने पड़ते हैं
कभी-कभी मुझे लगता है कि शकुनी जैसे है यह लोग
पर उन्हें मैं कैसे बताऊं कि मेरी डोर तो मेरे श्री कृष्णा के हाथों में है
खेललो आते है जितने भी दांव पेच शकुनी की तरह
पर याद रखना अंत में जीत तो श्री कृष्ण के भक्तों की ही होती है
🙏 जय श्री कृष्णा 🙏
Time 03:31 AM Date:05/12/20