*बस, तू बता*
बस, तू बता
तू कुछ ना छुपा
सब तेरे इर्द गिर्द ही है
क्या तुझे है ये पता?
बस, तू बता
तू कुछ ना छुपा
क्यूँ तू मायूस, खामोश, सहमा सा है?
तू तो यार अपना सा है
यह जो दौर हे ना सबका आता है
पर तू खुद से यु हो ना खफा,
बस, तू बता
तू कुछ ना छुपा,
वक़्त भी बदलेगा , और ज़िन्दगी भी
अभी उम्र ही क्या हैं, सिर्फ पच्चीस ही
तू कर पहल और निकल पड
तू यू अपना अरमा ना दबा
बस, तू बता
तू कुछ ना छुपा
_ N-P