दुपट्टा
उम्र ना थी सँभालने की
फिर भी सर पर गढ दिया गया
दुपट्टे का भार ज़माने ने
आबरू बचा लेगा कह कर दिया
रंगीन खूबसूरत दुपट्टे से
मुझे भी प्यार होता गया
धीरे धीरे दुनियादारी से
मैने उसे शरीरे_अंग कर लिया
दुपट्टा कभी ख्याल से भी
सर से नहीं उतारा गया
फिर ना जाने कैसे राहगीर को
मेरे बलात्कार का ख्याल आया
इसी दुपट्टे को खिंच कर
मुझे दीवार से बांधा गया
दरिंदगी की हद थी तब
दुपट्टा कोई काम नहीं आया
आबरु नीलाम हो चली
फिर भी अपनो का इल्जाम आया
गलती इसकी ही होगी
सुनकर दुपट्टा लटकने काम आया
दुपट्टा मेरे पास भी है
और मुझे कई बार ये सवाल आया
दुपट्टा आबरू नहीं बचाता
ये तो सिर्फ़ बदनामी बचाने काम आया
#yogitajain ✍🏻