कभी किसी का हाथ थाम लिया
कभी किसी का हाथ छोड़ दिया
ये कैसी मोहबत करते हो तुम
हर दूसरे शक्ल पे दिल हार दिया
ओ दिन भी आएगा
जिस दिन तेरे संग
कोई दूसरा खेल के चला जायेगा
तू रुयेगा इतना
तुझे तब दूसरो का दर्द समझ आएगा
तेरे जैसो ने मोहबत
बदनाम करी है दुनिया में
याद रखना तु 'शुभम'
मरने वक्त बडा़ तड़पेगा