मुझे अब अक्सर तुम याद आ रहे हो
ख्यालों में मेरे तुम फिर छा रहे हो
महक तेरी साँसों की बसी है जो मुझमें
उस खुशबू से फिर से महका रहे हो
बातों में तेरी जो मीठी महक थी
उन बातों से फिर से चहका रहे हो
गजब तेरी सूरत कातिल सी हँसी थी
हँस कर तुम फिर से गजब ढा रहे हो
बातों में तेरी वो मीठी छुअन थी
उन अहसासों से फिर से गुदगुदा रहे हो
बार - बार तुम मुझको याद आ रहे हो
बनकर खुमारी तुम फिर छा रहे हो
मुझे अब अक्सर तुम याद आ रहे हो
ख्यालों से अपने फिर महका रहे हो।।
-Sakhi