अब इन आँखों को रोने का काम दे दिया है
जब भी दिल दुखता था,
यह आँखें चुप रहा करती थी
पर भूल गया
तकलीफ़ तो दिल को होती थी
अब इन लबों को बेवजह मुस्कुराने से
मना किया है मैंने
हर बार यह झूठी मुस्कान अच्छी नहीं होती
पर भूल गया
तकलीफ तो दिल को होती थी
मुझे लगा था सब अपने हैं
अब इस दिल को फरेब पहचान
लेने का काम दे दिया है
मैं दूसरों की खुशी के लिए
खुद के सपने तोड़ता गया
पर भूल गया
तकलीफ़ तो दिल को होती थी
मैं हर पल जताता रहा
मैं ठीक हूं, यह अपनों ने मान भी लिया
पर भूल गया
तकलीफ़ तो दिल को होती थी
मैं ऐसी उम्र में मेले में खोया
जहां किसी बच्चे का हाथ पकड़
उसे घूमा सकता था
किसी को कदर नहीं मेरी
खैर इन बातों से कुछ लेना-देना नहीं
पर भूल गया
तकलीफ़ तो दिल को होती थी