हमारे इस सफ़र में न जाने कैसा किस्सा बन जायेगा,
उससे मिले बिना ही प्यार का जज्बा कायम हो जाएगा।
सूरज का आना उसका ढल जाने का हादसा हो जाएगा,
चांद को देख रोशनी से काला तिलक लग ही जाएगा।
बावजूद वो मिले इश्क़ के फसाने में हरदम टकराएगा,
उम्र का लिहाज रखे बिना नजरो में कहीं गुम हो जाएगा।
जिस तरह चाहत को चाहा इतनी बार मेरी बातो से मशहूर हो जाएगा,
अगर ना हुआ तो मेरी सांस से छुटकारा मिलने का वजूद मिला जाएगा।
DEAR ZINDAGI 💞