जय श्री कृष्ण 🙏 सुबह की राम राम |
बड़े बेमतलब से पड़े इश्क़ मे,
साज बदले तो बद्दुवाओं ने ले लिए |
अरे! कमबख़्त, खुद पर भी तो कुछ,
जुल्म कर , कैद कर रखा है खुद को,
सुकून मे | मिट्टी के ढेर पर चढ़कर ,
ढेला मारने से आसमान नही टूटता|
जरा पंखो को हवा दे,
और अपने इश्क़ को दुआ दे |