मेरी जान आज भी तु मुझे याद आता है, जब दुसरो को देखती हुं तब नहीं जब में अकेला होती हुं तब । माना की तु हजारो गम दीया है मुझे, पर तु प्यार भी बहत करता था ये मालुम है मुझे । ये सोचके मुसकुरा देती हुं की तु खुस है, पता नहीं तेरे दिल में क्या था जो ये सब किया । अगर एकबार बताया होता की तेरे से दील भरगया तो सायद में दुसरा नहीं ढुडंपाती, मगर मेरी दिल तो मान जाता तुने कीया है ये सब । पर खेर् में पागल हुं नहीं जो आजतक प्यार की तलास में हुं, कोई आता है कोई जाता है बस् गीनती रहती हुं ।