¤ कमी निकालनेके वास्ते जो काम हमने किया है वो काम दूबारा करना आवश्यक है। और
वोही हूआ। जीवनमें बडी जरूरी तकरारमें कमी रह
गई। अब कमी दूर करनेके लिए तकरार दूबारा करना
जरूरी हो गया। और हूआ यह कि न तो जीवनमेंसे
वो तकरार निकली और न तकरारमेंसे वो कमी !!!
यद्यपी अब कमीको कमी करनेमें जीवन कम हो रहा
है। जाने कब निकलेगी ये कमी,,,!?!?!?!?
¤ जगदीश (केशव) गज्जर ¤
**** वणोद *****
#કમી