तेरे साथ ए मेरा कैसा रिश्ता है।
तुझे ही कर्म मानती हूं
तुजमे ही धर्म दिखती हूं।
तेरे साथ ए मेरा कैसा रिश्ता है।
तुझे ही आत्मा मानती हूं,
तूजमे ही परमात्मा दिखती हूं।
तेरे साथ ए............
तुझे ही नाव मानती हूं
तुजमे ही समंदर दिखती हूं।
तेरे साथ ए........
तुझे ही शाम में मानती हूं
तुजमे ही सवेरा दिखती हूं।
तेरा साथ ए.......
तुझे ही सांस मानती हूं
तुजमे ही धड़कन दिखती हूं।
तेरा साथ ए.....
तुझे ही कृष्ण मानती हूं
तुज मे ही बांसुरी दिखती हूं।
तेरा साथ ए...
तुझे ही प्यार मानती हूं
तुझ में ही अहेसास दिखती हूं।
तेरा साथ ए.....
तुझे ही मुसाफिर मानती हूं
तुझ में ही रास्ता दिखती हूं।
तेरा साथ ए.....
तुझे ही हमसफ़र मानती हूं
तुझ में ही सफर दिखती हूं।
तेरा साथ ए मेरा कैसा रिश्ता है।
तुझे ही कर्म मानती हूं।
#કર્મ