क्या खुश क्या नाराज रहूँ तुझसे जिंदगी,
तूने वही तो दिया जो मैंने किया,,
खामोशी से जब कर्म किये है,
तो फल में इतना शोर क्यों?,,
मोहब्बत और नफरत सब रंग है तेरे ही,
एक से खुश तो एक से नाराजगी क्यों?
ये वक्त भी है बदलता खुद को हमेशा,
फिर अच्छे में इतना सुकून दूसरे में इतनी बैचेनी क्यों??,,
#खुश