ऑंख बंद करूँ तो मेरी पलकों पर बैठा,
तू नज़र आता हैं,
ऑंखें खोलूं तो पलकों से उतर कर,
तू सामने नज़र आता हैं।
मेरे चेहरे की मुस्कान में तेरा,
प्यार नज़र आता हैं,
मेरी आँखों से जो पानी बह जाए,
तो उसे पोछता हुआ,
तू सामने नज़र आता हैं।
मेरे डुपट्टे को आचल समझकर बेठा,
तू नज़र आता हैं,
डुपट्टा ठीक करूँ तो,
मेरी रूह को चूमता हुआ,
तू सामने नज़र आता हैं।
मेरी पायलों की आवाज़ से मुझे ढूँढता हुआ,
तू नज़र आता हैं,
पायल टुट जाए तो,
अपने होठों से मेरे पैरों को चूमता,
तू सामने नज़र आता हैं।
#हिताक्षी (sanjivni)🥀