लोगो के बीच उलझना भूल के,
शब्दों के बीच उलझने लगी!
में वही नहीं जो कल थी,
में आनेवाली कल का एक बहेतरिन हिस्सा हूं!
कोई और रास्ता दिखाएं हमें,
खुद अपना रास्ता बना के निकल पड़ी हूं!
ठान लिया है जो मेने उसे हर हाल में पाना है,
जब की अभी पीछे हटने का अब कोई सवाल ही नहीं है!