युग कहता है तू इसका है,
ये चाहे जब तू बिकता है।
युग की धुन है तू सक्षम बन,
जीवन की रहो को खुद चुन।
अभिलाषा है जो मन की,
अब सुन तू तन की।
तू धार से भी तेज़ है,
एक अलग सा ही वेग है।
उस क्रान्ति बस समझ कर,
अपनी बात को समझ कर।
कर ख़ुद बुलंद एसा
सक्षम रहे तू हैमेसा।
#सक्षम