जीवन का यही ताना बाना है,
कुछ आना है, तो कुछ जाना है,
साथ सच्चा फिर मिल जाएगा,
गर दिल निखरे, तन भी खिल जाएगा,
मुश्किलों का कोहरा, छँट ही जाएगा, और
बाहरी दुनिया से दूर, सुकून तो सिर्फ़ घर ही में पाएगा,
तो दुनिया की नहीं, खुद को खुद की नजरों से देख,
फिर मुतमइन जहां तेरा, खुशी की रोशनी में जगमगाएगा ।
~Pranav