किसी के सीने पर गोली चलाकर
तुमने सिर्फ एक इंसान का कत्ल नहीं किया,
बहन से भाई, मित्र से साथी,
मां-बाप के बुढ़ापे का सहारा,
बेटे के सर से पिता का साया,
पत्नी के सपनों के हर रंग,
छीनने वाले, तुम पिता, पुत्र,
मित्र, शौहर कहलाने लायक नहीं हो,
तुम सिर्फ एक चेहरा हो ख़ौफ़ का,
साया हो आतंक का।
#लायक़