Hindi Quote in Thought by Archana Singh

Thought quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

धिक्कार है तेरा

मैं गजानन पूज्यनीय
क्या गुनाह किया मैंने?
हां, शायद बुद्धिजीवी पर
कर बैठा विश्वास मैंने।
नहीं की थी कल्पना कभी
अमानवीय व्यवहार की।
मेरे जीवन के साथ ही
कर बैठा निर्मम हत्या
मेरे गर्भ में पल रहे,
मासूम नन्हें सुमन की।
क्यों कर्म हीन,भाव हीन
हो गया है मानव?
जानवर हैं हम
पशुता का व्यवहार
दर्शाता है तू क्यों?
कब अपराधबोध हो
समझ सकेगा तू ?
उसके ही दुष्कर्म का
परिणाम है आज
प्राकृतिक, जैविक आपदा।
मानव के संग
पेड़ पौधे ही नहीं
पशु पक्षी,जीव जंतु भी
धरोहर हैं इस धरा की।
बेजुबान हैं हम पर
हिय में है स्नेह अपार।
क्रूरता कितनी भरी है
तेरे हृदय में बता।
धिक्कार है तेरे
मानवता होने का,
शर्मसार कर दिया
आज फिर इंसानियत का।
वैहशी हो चला है मानव
क्यों अधर्मी है हो रहा?

Hindi Thought by Archana Singh : 111460678
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now