लड़की होना क्या,
एक सजा है
उसे खुशियों का ,
हर दरवाजा बंद मिला है
उम्र की दहलीज पर खड़ी
हर लड़की ये सोचती है
दरवाजे के उस पार
है खुला आसमान
है एक विस्तृत सड़क
जो ले जाती है उसे
एक नए मुकाम पर
दिलाती है उसे,
एक नई पहचान
विकास पथ उसे बुलाता है
पर वो दरवाजा
हर बार बन्द हो जाता है
पर उस दरवाजे को ठोककर,
जोर से बोल कर
खुलवाना है
ख्वाहिशों को दे पंख
एक उड़ान ऊँची उड़
मंजिलों को पाना है
दुनिया को देखना है
एक नई नजर से
गिध्दों और बाजों से
भी तो पार पाना है
गिरते हुए सँभलना है
अपने परिवार का
सम्मान भी तो बढ़ाना है
जब परिवार गर्वित होगा
तभी हर लड़की को
वो दरवाजा खुला मिलेगा
जो है सम्मान और विकास का