महाकाव्य....
है कथा संग्राम की, विश्व के कल्याण की।
धर्म-अधर्म, आदि-अनंत, सत्य-असत्य, कलेश-कलंक,
स्वार्थ की कथा परमार्थ की।
शक्ति है, भक्ति है, जन्मो की मुक्ति है,
जीवन का ये संपूर्ण सार है।
युग युग से कण कण में, सृष्टि के दर्पण में,
वेदो की व्यथा अपार है।
धर्मो की गाथा है , देवो की भाषा है,
सदियों के इतिहास का प्रमाण है।
कृष्णा की महिमा है, गीता की गरिमा है
ग्रंथो का ग्रंथ ये महान है।
महाभारत।।।।।।।।