इश्क़ क्या हे?, ये क्यूँ हे?, इसकी जरुरत क्या होती हे?, बस एक बार इश्क़ करके तो देखो, खुद जान जाओगे की इसकी एहमियत क्या हे।
ये सुकून हे, ये चैन हे, ये नसीब हे, बस एक बार इश्क़ से रुबरु हो कर तो देखो, खुद जान जाओगे की खुदा की रेहमत क्या हे।
ये खामोश हे, ये उम्मीद हे, ये मुस्कुराहट हे, बस एक बार इसका इज़हार करके तो देखो, खुद जान जाओगे, की ज़िंदगी जीने की वजाह क्या हे।
ये वफ़ा हे, ये ज़िंदगी भर का साथ हे, बस एक बार इसे दिल से निभा कर तो देखो, खुद जान जाओगे, कि रूह से रूह का रिश्ता क्या हे।