सप्तपदी के फेरे लेकर, तुम संग नीड़ बनाया।
समय पाकर जब पाए बच्चे, उनको चोग
चुगाया।
उड़ने की हर कला सिखाई,आसमान को छूना सिखाया।
बच्चों ने फिर पंख फड़फड़ाए,अपने अपने नीड़ बनाए।
हो संतुष्ट ली सांस चैन की,दिल की हर धड़कन से आवाज़ ये आई।
खुश रहो,फलों फूलों मेरे बच्चों,जग में रहकर नाम कमाओ।
#घोंसला