किसी ने मुज़से पूछा कि..तुम बहोत खुदगर्ज़ हो...हमेशा अपनी सोचते हो..
मेने कहा..समय था तब हमने अपनो के लिए बहोत कुछ किया.. खुद की खुशियां उनके लिए भूल दी...फिर भी जब हमारी बारी आई तो उन्हों तोहफे में ग़म के आंसू दे दिए...तबि से सोच लिया परवा सबकी करो लेकिन सबसे ऊपर खुद को रखो...
#खुद