आज तेरे दर पे में समा एक बात ले कर आई हूँ...
तुजसे कुछ मांगने नही, दिल ए जज्बात ले कर आई हूँ...
जानती हूं तूने वो भी दिया जो मांगा नही मैंने...
इसलिए में खुद तेरी ही रमजान की मुबारकबाद ले कर आई हूँ।
ए खुदा..! ईद मुबारक कुबूल कर...!❣️
- परमार रोहिणी " राही "