तेरा इंतजार करना जैसे रोजा हमारा ,
दीदार तेरा उस ईद के चांद की तरह ।
कर दे मुज पे कुछ इनायत ही सही,
कि मिल जा मुझे किसी मुलाकात की तरह।
ये सिर जब भी जुका है सजदा तेरा ही हुआ है,
ताउम्र पढ़ा है तुझे आयात की तरह।
बस इतनी सी मशिय्यत है मेरी ,
कि बन जाऊ तेरी जान - ए- हयात की तरह।