आपके पास क्या है क्या नहीं है ये सब भाग्य पर निर्भर नहीं करता बल्कि भाग्य आप पर निर्भर करता हैं के आप अपने लिये क्या बेहतर पा सकते हो।
आप खुद ही भाग्य के निर्माण कारक हो जिस तरह मेहंदी का रंग लाल है वो तब पता चलता है जब उसे पीसा जाऐ और लागकर कुछ देर सुखाया जाये उसी तरह से पहले आपके कर्तव्य और फिर परिणाम कारी फल के लिऐ धैर्य अवश्य होना चाहिए।
#lalitraj
#भाग्य