वो हंसाता रहा लोग हंसते रहे ,अपने जीवन के गम को भुलाते रहे
छाई उदासी फना हो गई ,फासले मौत के यूं बढ़ाते रहे
वो कलाकार सबका मसीहा बना, झोली भर भर दुआएं लुटाते रहे
हुए विस्मित सभी ऐसे फनकार पर, रस भरा हो जहां ,सब मनाते रहे
जब हकीकत दिखी उस कलाकार की, खैर कर ऐ खुदा, सब मनाते रहे
था लबालब समंदर दुखों से भरा ,गम छिपाकर जहां को हंसाता रहा
उसने सीखा बुजुर्गों से अपने सदा, हम जो रोए नहीं साथ देगा कोई
गर हंसे तो हंसेगा जहां साथ में, पूजा इससे बड़ी न दिखी और कोई
#हास्यकर