#Ask #पूछना चाहती हूं मैं उस खुद से की जब पुण्य भी तेरा पाप भी तेरा अर्थात हर कर्म को मनुष्य द्वारा करवाने वाला भी तू क्योंकि तेरी मर्ज़ी के बिना तो पत्ता भी नही हिलता तो फिर दोशी इंसान कैसे हो गया जिसके कर्मो के फल के आधार पर तू फैसले किया करता है अपनी इंसाफ की अदालत में....मैं #पूछना चाहती हूँ।