#आश्चर्य
अंनत आकाश मे ऊड़ान भरते देख इंसान ने भी चाहा उड़ना ,
हुआ बड़ा ही आश्चर्य एक मशीन के सहारे इंसान करने चला था ,
बराबरी उस परिंदे से जो उड़ता था अपने पंखों से, भरता था अनगिनत तरंगें अनंत आकाश मे।
होता है बड़ा आश्चर्य इंसान पर जिसनें प्रकृति से करनी चाही बराबरी,।