#अनकहा
"मुश्किलें मेरी आसान होने लगी हैं
अनकही बाते वो सुनने लगी हैं
बातें करना भी मुश्किल था जहां मेरे लिए
वहां बीना अल्फाज के वो समजने लगी हैं
पलकों पे आके ठहरा है अभी इश्क़
नज़रे मिले तो आंखे जुकने लगी हैं
इश्क़ मेरा इबादत बन गया है जैसे
नाम लिखूं जहा उसका नमाजे वहां होने लगी है.."
-mitesh