#सही सही और गलत कुछ नही होता, हर एक की नज़र में जिस तरह राम अलग अलग होते है, जिसे मैं अपने अपने राम के नाम से संबोधित करती हूँ। उसी तरह हर एक का अपना अपना सही और गलत होता है, जिसे लोग ज़रूरत के मुताबिक देखते है। जैसे किसी गरीब भूखे बच्चे को चांद में रोटी दिखाई देती है, तो किसी को अपने प्रीतम/प्रियतमा की छाया। इसे आप सही या गलत के बजाय, अपना अपना सच भी कह सकते है। जिसने जो जिया वह उसी का सच होता है आप उसे बदल नही सकते।