My New Poem ...!!!
जब नाखून बढ़ जाते हैं
तो नाखून काँटे जातें है
उँगलियों नहीं
ठीक उसी तरह
जब किसी रिश्ते में भी
ग़लतफ़हमियाँ बढ़ जाएँ
तो ग़लतफ़हमियाँ दूर की
जाती हैं रिश्ते नहीं
जब किसी से नाराज़गी बढ़ जाएँ
तो नाराज़गी ही दूर की जाती हैं
किसी के दिल नहीं
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