जीवन की वास्तविकता सब की एक ही रही है
एक छोड़ जाए तब दूसरे के पहलू में खुद को सुपुर्द कर दो और भूल जाओ पहली प्रेमिका की हर बात।
स्थान समय समय पे बदलता रहता है चक्रवृद्धि ब्याज़ के जैसे।
लाभ साल दर साल प्रेमिकाओं की गिनतियां बढ़ाती रहती हैं डायरी में कलमबद्ध होने के लिए।
#Expression