था!
... था!
... था!
मुझे,, भी प्रेम था
तुमसे...
यह! मैंने कितनी बार
तुम्हें समझाने की
कोशिश की थी!..
तुम्हारे चेहरे की
मुस्कुराहट से
मेरे जीवन की
घड़ी चलती थी!..
ये मैंने अपने
हृदय के भीतर
से कहने की
कोशिश की थी..
... था!
... था!
... था!
मुझे, भी प्रेम था!...