कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये।
14 फरवरी को वेसे तो सब वेलेंटाइन डे मानते है। ये डे मनाने का कल्चर पश्चिमी देशों का है। जहा साल में 1 ही दिन रिश्ते मायने रखते है। वहा के बहोत सारे लोग ऐसे है जिनकी 1 नही कही शादी हुई होगी। जहा पति पत्नी अपना कमाते है और अपना ही खाते है। 18 साल का बच्चा होने पर मा-बाप का हक चला जाता है बच्चो के ऊपर से। पश्चिम देशो में फ़ादर्स डे, मदर्स डे, वेलेंटाइन डे जैसे डे मनाये जाते है।
हमारे यह तो रोज ही फ़ादर्स डे, मदर्स डे, वेलेंटाइन डे होते ये क्योकि भारत में आज भी ज्यादातर सयुंक्त कुटुम्ब पाए जाते है। जहा पिता लेट आने पर डाटते है, माँ जब तक बेटा ना आये तो जगती है, बीवी खाना खाने का इंतज़ार करती है। बचपन मे माता-पिता की डांट पर दादा-दादी ढाल बन जाय करते थे।
फिर भी जब हम धीरे धीरे पश्चिम देशो की संस्कृति अपना रहे है तो ये सारे डे मनाने चाहिए इसमे कुछ बुरा नही है पर आज के ही दिन 14 फरवरी 2019 में पूरे भारतदेश की जनता की आँखे नम हो चुकी थी। लोगो की आखों में प्रेमी-प्रेमिका के प्रेम के साथ गुस्सा था, जुनून था क्योकी खबर ही कुछ ऐसी थी।
इस दिन हमारे सीआरपीएफ के जवानों की बस श्रीनगर जा रही थी तब पुलवामा में 1 कार बस के साथ टकराई। जो कर में करीब 300 किलो विस्फ़ोट था। ये विस्फोट की वजह से कही माता-पिता ने उनका बेटा खोया, कही बहेनो ने अपना भाई खोया, कही औरते की मांग सुनी हो गई, कही बच्चे अनाथ हो गए, और भारतमाता ने अपने 40 के करीब वीर जवान खोये, कही लोग घायल हुवे और जिन्दगी और मौत के बीच लडे।
ये जवान मेसे कही जवान अपनी छुटी खत्म कर के वापस ड्यूटी पर लगे थे जल्द वापस आने का वादा कर के। तब उन्हें और उनके परिवार वालो को कहा पता था बेटा तिरंगे में वापस आएगा।
कही जवान ने श्रीनगर जाने से पहले अपने परिवार वालो से बात की और श्रीनगर पहोचने के बाद कॉल करने का वादा किया। तब उन्हें कहा पता था ये आखरी बार आवाज़ सुन रहे है।
कही जवान की नई नई शादी हुई थी तो किसी की शादी होने वाली थी, तो किसी की मांगनी होने वाली थी। वो सब ने अपने पति और मंगेतर को खोया।
तो दोस्तो हम ये दिन को वेलेंटाइन डे मनाने से पहले जो हमारे शाहिद वीर जवान थे जो अमर हो चुके है उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करे और उनकी शहादत को शत शत नमन करे।
जय जवान
जय हिंद
©️-KD