अधूरा मेरा प्यार
इन भूली तन्हा आंखों में
एक याद तेरी भी बस्ती है
मेरी हर बातों में, तेरी भी एक हस्ती है
तुम तो बिन बोले चले गए
हम अधूरे से यहां ढले रहे
फ़रियाद तेरी होती है
हर आस तेरी होती है
तेरी हर कुबूल दुआ में, मेरी ही मस्ती है
तेरा हाल तू ना जाने
तुझको तुझसे ज्या़दा जाना है
मेरे करीब एक फूल खिला जो
यकीं मुझे, दूर कहीं तू हंसा है
तूने ना समझा मुझे
प्यार मेरा क्या महसूस होगा
मेरी पलकें आंसू छलके
दिल-ए-हाल बहुत ही सस्ती है
चांद को देखा करती हूं मैं
याद तुझे भी करती हूं
तूने कहां कभी ये जाना
तू ही मेरी जां, मेरी सारी बस्ती है ।।